June 26, 2026 रामायण – बालकाण्ड (भाग -4) बालकाण्ड (भाग -4) दो0 गाधिसूनु कह हृदयँ हँसि मुनिहि हरिअरइ सूझ।अयमय खांड न ऊखमय अजहुँ न बूझ अबूझ।।275।।व्याख्या : समता रूपी विश्वामित्र ने हृदय... Read More